Adi's Journal

Pieces of my thourhgs

आँसू

खायी है जख्म गहेरी,
भरा नहीं है घाव अभी.
चेहेरेसे नकाब हसिका,
फिरभी नहीं उतरा कभी.

चलते रहे बरसातोमे,
आसुओंको छुपाते हुए.
ना दिखे कभी वो किसीको,
दिलमे यही तमन्ना लिए….

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